Published on Aug 11, 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। राज्य में ‘अन्नपूर्ति अनाज एटीएम’ की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए पात्र हितग्राही मशीन से अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था में लाभार्थी की पहचान के लिए आधार नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा।
अन्नपूर्ति अनाज एटीएम की शुरुआत फिलहाल राज्य के तीन जिलों में की गई है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य राशन वितरण को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाना है।
अन्नपूर्ति अनाज एटीएम की व्यवस्था को बैंक के एटीएम की तर्ज पर विकसित किया गया है। पात्र हितग्राही निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी पहचान सत्यापित कराने के बाद मशीन के माध्यम से अपने हिस्से का खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
इस व्यवस्था में लाभार्थी को राशन प्राप्त करने के लिए मशीन पर अपनी पहचान संबंधी जानकारी देनी होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्रता के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
अन्नपूर्ति एटीएम में लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राशन वितरण के दौरान लाभार्थी की पहचान को डिजिटल तरीके से सत्यापित करने में मदद मिलेगी।
आधार आधारित सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थी को उसके निर्धारित कोटे के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि अन्नपूर्ति अनाज एटीएम के माध्यम से 24 घंटे राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इससे लाभार्थियों को राशन लेने के लिए केवल किसी निर्धारित समय पर दुकान पहुंचने की जरूरत कम हो सकती है। खासकर कामकाजी लोगों और ऐसे लाभार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है जिन्हें राशन दुकान के समय के अनुसार अपनी दिनचर्या बदलनी पड़ती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अन्नपूर्ति अनाज एटीएम में करीब 2,500 किलोग्राम तक खाद्यान्न रखने की क्षमता है। मशीन से निर्धारित मात्रा के अनुसार लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से राशन वितरण को व्यवस्थित करने और लाभार्थियों को सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
अन्नपूर्ति एटीएम की सुविधा का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय लाभार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। दूसरे राज्यों के पात्र प्रवासी राशन कार्ड लाभार्थियों को भी इसका लाभ मिलने की बात सामने आई है।
यह सुविधा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो रोजगार या अन्य कारणों से अपने गृह राज्य से बाहर छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं। राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थी अपने खाद्य सुरक्षा अधिकार का लाभ दूसरे स्थान पर भी ले सकते हैं।
राशन वितरण व्यवस्था में पहले से ही ई-पॉस मशीन, आधार आधारित पहचान और राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब अनाज एटीएम जैसी सुविधा शुरू होने से इस व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।
मशीन आधारित वितरण से राशन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ खाद्यान्न वितरण का रिकॉर्ड रखने और निगरानी करने में भी मदद मिल सकती है।
अन्नपूर्ति अनाज एटीएम की सुविधा अभी पूरे छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं है। इसकी शुरुआत फिलहाल तीन जिलों से की गई है। इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों के लिए अभी मशीन से राशन लेना संभव नहीं होगा।
जिन क्षेत्रों में यह सुविधा शुरू नहीं हुई है, वहां लाभार्थी पहले की तरह निर्धारित उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन प्राप्त करेंगे।
अन्नपूर्ति अनाज एटीएम की शुरुआत छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाती है। आधार आधारित पहचान और मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण से आने वाले समय में राशन लेने की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
फिलहाल यह व्यवस्था शुरुआती चरण में है। तीन जिलों में इसके संचालन के बाद इसकी उपयोगिता और परिणामों के आधार पर आगे विस्तार को लेकर फैसला लिया जा सकता है।