Published on Jul 12, 2026
रांची: झारखंड सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चलाए जा रहे राशन कार्ड सत्यापन अभियान के दौरान रांची जिले के रातू प्रखंड में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में अपात्र पाए गए 115 राशन कार्डधारियों के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने लगभग 3.5 करोड़ रुपये की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग के अनुसार, ये सभी लोग सरकारी नियमों के तहत राशन योजना के पात्र नहीं थे, लेकिन लंबे समय से सरकारी अनाज का लाभ प्राप्त कर रहे थे। मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित लाभार्थियों को नोटिस जारी कर जवाब देने और निर्धारित राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है।
आपूर्ति विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष सत्यापन अभियान में विभिन्न सरकारी रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई ऐसे लाभार्थी सामने आए जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उठा रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, पात्रता की जांच के दौरान आय, वाहन स्वामित्व तथा अन्य सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर लाभार्थियों का सत्यापन किया गया।
विभागीय जांच के अनुसार—
इसी आधार पर सभी के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
आपूर्ति विभाग ने अपात्र पाए गए सभी 115 राशन कार्डधारियों पर लगभग ₹3.5 करोड़ की वसूली निर्धारित की है।
विभाग का कहना है कि जिन लोगों ने गलत जानकारी देकर या पात्रता न होने के बावजूद सरकारी राशन प्राप्त किया है, उनसे नियमानुसार सरकारी अनाज का मूल्य एवं अन्य देय राशि वसूल की जाएगी।
कार्रवाई के तहत सभी संबंधित राशन कार्डधारियों को नोटिस भेजे गए हैं।
नोटिस में उन्हें निर्देश दिया गया है कि—
यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।
यदि कोई व्यक्ति निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करता और फिर भी योजना का लाभ लेता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। पात्रता की जांच के दौरान आय, संपत्ति, वाहन, कर रिकॉर्ड तथा अन्य सरकारी डेटाबेस का भी मिलान किया जाता है।
झारखंड सरकार राज्यभर में राशन कार्डों का सत्यापन अभियान चला रही है ताकि अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जा सके और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की जांच जारी रहेगी और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आपूर्ति विभाग ने ऐसे लोगों से अपील की है जो अब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता में नहीं आते हैं कि वे स्वयं आगे आकर अपना राशन कार्ड सरेंडर करें। इससे जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी।