Published on Jul 01, 2026
रांची: झारखंड सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर में राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 8 लाख से अधिक राशन कार्ड जांच के दायरे में लाए गए हैं। इनमें ऐसे कार्ड भी शामिल हैं जिन पर लंबे समय से राशन का उठाव (Lifting) नहीं किया गया है।
विभाग का कहना है कि सत्यापन के दौरान यदि कोई राशन कार्ड अपात्र, डुप्लीकेट, संदिग्ध या निष्क्रिय पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे रद्द (Cancel) किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचाना है।
विभाग के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान यह जांच की जा रही है कि—
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से नए राशन कार्ड और सदस्य जोड़ने से संबंधित लंबित आवेदनों के निपटारे में भी सहायता मिलेगी।
सत्यापन के शुरुआती चरण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार—
इन सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई लाभार्थी पात्रता की शर्तों का पालन नहीं करता पाया जाता है, तो उसका राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है।
इसके अलावा ऐसे राशन कार्ड भी जांच के दायरे में हैं—
राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से सक्षम और अपात्र व्यक्तियों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करें।
यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति पात्रता नियमों का उल्लंघन करते हुए योजना का लाभ लेते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में सरकार लाभ के रूप में प्राप्त राशि की वसूली भी कर सकती है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्न परिस्थितियों में सत्यापन के दौरान जांच की जा सकती है—
अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय जांच के आधार पर लिया जाएगा।
खाद्य विभाग के अनुसार राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके लिए—
विभाग का कहना है कि सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना, फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न का लाभ सुनिश्चित करना है।
नोट: राशन कार्ड रद्द करने का अंतिम निर्णय विभागीय सत्यापन और लागू नियमों के अनुसार लिया जाएगा। केवल लंबे समय से राशन नहीं लेने के आधार पर सभी मामलों में स्वतः कार्ड रद्द होना आवश्यक नहीं है; प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग की जाएगी।