Jharkhand Ration Card Verification 2026: झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्डों की जांच शुरू, लंबे समय से राशन नहीं लेने वालों पर कार्रवाई संभव

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Jharkhand Ration Card Verification 2026: झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्डों की जांच शुरू, लंबे समय से राशन नहीं लेने वालों पर कार्रवाई संभव Published on Jul 01, 2026

Jharkhand Ration Card Verification 2026: झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्डों की जांच शुरू, लंबे समय से राशन नहीं लेने वालों पर कार्रवाई संभव

रांची: झारखंड सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर में राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 8 लाख से अधिक राशन कार्ड जांच के दायरे में लाए गए हैं। इनमें ऐसे कार्ड भी शामिल हैं जिन पर लंबे समय से राशन का उठाव (Lifting) नहीं किया गया है।

विभाग का कहना है कि सत्यापन के दौरान यदि कोई राशन कार्ड अपात्र, डुप्लीकेट, संदिग्ध या निष्क्रिय पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे रद्द (Cancel) किया जा सकता है।

क्यों हो रही है राशन कार्डों की जांच?

सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचाना है।

विभाग के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान यह जांच की जा रही है कि—

  • कौन से राशन कार्ड लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं।
  • किन कार्डों में डुप्लीकेट या गलत जानकारी दर्ज है।
  • कौन से लाभार्थी पात्रता पूरी नहीं करते।
  • निष्क्रिय राशन कार्डों को हटाकर पात्र परिवारों को योजना का लाभ कैसे दिया जा सके।

सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से नए राशन कार्ड और सदस्य जोड़ने से संबंधित लंबित आवेदनों के निपटारे में भी सहायता मिलेगी।

जांच में सामने आए डुप्लीकेट और संदिग्ध राशन कार्ड

सत्यापन के शुरुआती चरण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार—

  • 21,750 डुप्लीकेट राशन कार्ड चिन्हित किए गए हैं।
  • 12,284 संदिग्ध राशन कार्ड जांच के दौरान सामने आए हैं।
  • कुछ जिलों में ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है।

इन सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है।

किन राशन कार्डों पर कार्रवाई हो सकती है?

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई लाभार्थी पात्रता की शर्तों का पालन नहीं करता पाया जाता है, तो उसका राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है।

इसके अलावा ऐसे राशन कार्ड भी जांच के दायरे में हैं—

  • जिन पर लंबे समय से राशन नहीं लिया गया है।
  • जिनमें गलत या संदिग्ध जानकारी दर्ज है।
  • जो डुप्लीकेट पाए गए हैं।
  • जो अपात्र व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं।

सरकार ने अपात्र लोगों से की अपील

राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से सक्षम और अपात्र व्यक्तियों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करें।

यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति पात्रता नियमों का उल्लंघन करते हुए योजना का लाभ लेते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में सरकार लाभ के रूप में प्राप्त राशि की वसूली भी कर सकती है।

किन परिस्थितियों में राशन कार्ड पर असर पड़ सकता है?

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्न परिस्थितियों में सत्यापन के दौरान जांच की जा सकती है—

  • लंबे समय से राशन का उठाव नहीं करना।
  • आर्थिक रूप से पात्रता सीमा से बाहर होना।
  • आयकरदाता होना।
  • निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि का स्वामित्व।
  • पात्रता नियमों के विपरीत चार पहिया वाहन का स्वामित्व (जहां संबंधित नियम लागू हों)।
  • राशन कार्ड में गलत या अपूर्ण जानकारी होना।

अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय जांच के आधार पर लिया जाएगा।

नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए क्या करना होगा?

खाद्य विभाग के अनुसार राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके लिए—

  • आधार आधारित e-KYC कराना होगा।
  • बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करना होगा।
  • सत्यापन के बाद ही नए सदस्य का नाम राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य

विभाग का कहना है कि सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना, फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न का लाभ सुनिश्चित करना है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्डों का सत्यापन शुरू।
  • 21,750 डुप्लीकेट और 12,284 संदिग्ध राशन कार्ड चिन्हित।
  • लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों की भी जांच।
  • अपात्र पाए जाने पर राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है।
  • नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए आधार आधारित e-KYC आवश्यक।

नोट: राशन कार्ड रद्द करने का अंतिम निर्णय विभागीय सत्यापन और लागू नियमों के अनुसार लिया जाएगा। केवल लंबे समय से राशन नहीं लेने के आधार पर सभी मामलों में स्वतः कार्ड रद्द होना आवश्यक नहीं है; प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग की जाएगी।