झारखंड में 1 अक्टूबर से Smart PDS लागू: छह महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा निष्क्रिय, ई-केवाईसी जरूरी

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झारखंड में 1 अक्टूबर से Smart PDS लागू: छह महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा निष्क्रिय, ई-केवाईसी जरूरी Published on Sep 11, 2026

झारखंड में 1 अक्टूबर से Smart PDS लागू: छह महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा निष्क्रिय, ई-केवाईसी जरूरी

रांची: झारखंड में राशन कार्ड और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से Smart PDS प्रणाली लागू की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत लंबे समय से राशन का उठाव नहीं करने वाले कार्डों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जाएगा। इसके साथ ही डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान के लिए भी आधार आधारित मिलान प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा।

विभाग की नई व्यवस्था में राशन कार्डों का नियमित सत्यापन और लाभार्थियों की ई-केवाईसी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन ने राशन कार्डधारियों से समय रहते जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि पात्र परिवारों को राशन प्राप्त करने में परेशानी न हो।

छह महीने से राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा निष्क्रिय

नई Smart PDS व्यवस्था में ऐसे राशन कार्डों को चिन्हित किया जाएगा, जिनसे पिछले छह महीने से खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ है।

ऐसे कार्डों को प्रत्येक महीने की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और इसके बाद अगले महीने की 1 तारीख से कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

इसलिए जिन परिवारों के राशन कार्ड सक्रिय हैं, उन्हें नियमित रूप से अपनी उचित मूल्य की दुकान (PDS दुकान) से निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त करते रहना होगा।

राशन कार्डधारी अपने नजदीकी राशन दुकानदार से संपर्क करके अपने कार्ड की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ले सकते हैं।

निष्क्रिय कार्ड को फिर से सक्रिय कराने के लिए 3 महीने का समय

अगर किसी राशन कार्ड को निष्क्रिय कर दिया जाता है, तो उसे दोबारा सक्रिय कराने के लिए लाभार्थी को निर्धारित समय के अंदर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके लिए तीन महीने की समय-सीमा दी जाएगी। इस अवधि के दौरान लाभार्थी को ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन कराना होगा।

अगर निर्धारित तीन महीने के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित राशन कार्ड को स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

इसलिए जिन कार्डधारियों को अपना राशन कार्ड निष्क्रिय होने की आशंका है, उन्हें समय रहते नजदीकी उचित मूल्य की दुकान या संबंधित विभागीय केंद्र पर जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

डुप्लीकेट लाभार्थियों की भी होगी पहचान

Smart PDS व्यवस्था के तहत केवल लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डों पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि दोहरी प्रविष्टि (Duplicate Entry) वाले लाभार्थियों की भी पहचान की जाएगी।

इसके लिए विभाग आधार आधारित मिलान प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रहा है। अगर किसी लाभार्थी की जानकारी एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाई जाती है, तो ऐसे मामलों की जांच की जाएगी और संबंधित लाभार्थी को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है।

परिवार के मुखिया के मोबाइल पर भेजी जाएगी सूचना

डुप्लीकेट लाभार्थी के संबंध में कार्रवाई होने पर विभाग द्वारा परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।

इसके बाद लाभार्थी को निर्धारित समय में ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन पूरा करना होगा।

अगर तय अवधि में जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित लाभार्थी का नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है।

राशन कार्डधारियों के लिए जरूरी है नियमित सत्यापन

Smart PDS लागू होने के बाद राशन कार्ड की जानकारी को अपडेट और सत्यापित रखना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा। पात्र लाभार्थियों को अपने राशन कार्ड की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यकता होने पर समय पर ई-केवाईसी तथा अन्य जरूरी सत्यापन पूरा करना चाहिए।

प्रशासन का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान करना और वास्तविक पात्र परिवारों तक खाद्यान्न वितरण को बेहतर बनाना है।