Published on Jun 27, 2026
नई दिल्ली | 27 जून 2026
देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के राशन वितरण नियमों में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में राशन वितरण की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राशन वितरण केवल परिवार के आधार पर नहीं बल्कि परिवार में शामिल पात्र सदस्यों की संख्या को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह केवल ड्राफ्ट (Draft Proposal) है और अभी पूरे देश में लागू नहीं हुआ है।
वर्तमान व्यवस्था में अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति माह अधिकतम 35 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कम हो या अधिक।
अब सरकार ने सुझाव दिया है कि राशन वितरण को अधिक संतुलित बनाने के लिए प्रति पात्र सदस्य 7 किलोग्राम खाद्यान्न देने की व्यवस्था पर विचार किया जाए। साथ ही, एक परिवार के लिए 35 किलोग्राम की अधिकतम सीमा बनाए रखने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
यदि नया नियम भविष्य में लागू होता है, तो संभावित व्यवस्था इस प्रकार हो सकती है—
सरकार का मानना है कि वर्तमान प्रणाली में सभी अंत्योदय परिवारों को समान मात्रा में राशन मिलता है, जबकि परिवारों का आकार अलग-अलग होता है।
उदाहरण के लिए—
इस कारण प्रति व्यक्ति मिलने वाले राशन में असमानता दिखाई देती है। इसी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सदस्य-आधारित वितरण प्रणाली पर विचार किया जा रहा है।
यदि भविष्य में प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका असर परिवार के आकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
1 से 3 सदस्यों वाले परिवारों को वर्तमान व्यवस्था की तुलना में कम मात्रा में राशन मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर 3 सदस्यों वाले परिवार को लगभग 21 किलोग्राम खाद्यान्न मिल सकता है।
लगभग पांच सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तरह लगभग 35 किलोग्राम राशन मिलता रह सकता है।
यदि परिवार में छह या उससे अधिक सदस्य हैं, तो प्रस्ताव के अनुसार भी परिवार के लिए अधिकतम 35 किलोग्राम की सीमा लागू रह सकती है। ऐसे में प्रति सदस्य मिलने वाली मात्रा अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
प्रस्तावित संशोधन के पीछे सरकार के कई उद्देश्य बताए जा रहे हैं—
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया के बाद सरकार करीब 3 करोड़ नए पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।
इससे उन परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है जो पात्र होने के बावजूद अब तक योजना से बाहर हैं।
नहीं।
फिलहाल यह केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 के मसौदे का हिस्सा है। सरकार ने अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया है।
जब तक संसद से संशोधित विधेयक पारित नहीं होता और सरकार आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक वर्तमान राशन वितरण व्यवस्था पहले की तरह ही लागू रहेगी।
सरकार ने इस प्रस्ताव पर नागरिकों, राज्य सरकारों और संबंधित विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि: 13 जुलाई 2026
प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद ही अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
फिलहाल किसी भी राशन कार्ड धारक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही राशन वितरण जारी रहेगा।
यदि भविष्य में नियमों में कोई बदलाव लागू किया जाता है, तो उसकी आधिकारिक सूचना केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाएगी। इसलिए केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
अंत्योदय अन्न योजना में प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, संतुलित और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है। हालांकि फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और वर्तमान राशन वितरण प्रणाली में कोई बदलाव लागू नहीं किया गया है। इसलिए राशन कार्ड धारकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए और किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए।