Published on Jul 03, 2026
नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता में बड़ा सुधार करने का फैसला लिया है।
सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब राशन में मिलने वाले चावल में टूटे हुए दानों (Broken Rice) की मात्रा पहले की तुलना में काफी कम होगी। इससे देशभर के लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को पहले से बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य केवल राशन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। राशन की मात्रा में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
इस फैसले के बाद लाभार्थियों को—
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चावल की गुणवत्ता से जुड़े मानकों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
नए मानकों के अनुसार—
सरकार का कहना है कि लगभग 30 वर्षों बाद राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता संबंधी मानकों में इतना बड़ा सुधार किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल गुणवत्ता सुधार से जुड़ा है।
इसका मतलब है कि लाभार्थियों को मिलने वाले मुफ्त अनाज की मात्रा पहले की तरह ही जारी रहेगी।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार—
केंद्र सरकार का मानना है कि केवल राशन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होना जरूरी है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद—
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लाभार्थी हर महीने मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करते हैं।
नई गुणवत्ता व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलने की उम्मीद है।