PMGKAY के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता होगी बेहतर, केंद्र सरकार ने बदले गुणवत्ता मानक

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PMGKAY के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता होगी बेहतर, केंद्र सरकार ने बदले गुणवत्ता मानक Published on Jul 03, 2026

PMGKAY के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता होगी बेहतर, केंद्र सरकार ने बदले गुणवत्ता मानक

नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता में बड़ा सुधार करने का फैसला लिया है।

सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब राशन में मिलने वाले चावल में टूटे हुए दानों (Broken Rice) की मात्रा पहले की तुलना में काफी कम होगी। इससे देशभर के लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को पहले से बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराया जाएगा।

राशन कार्ड धारकों को क्या मिलेगा फायदा?

सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य केवल राशन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। राशन की मात्रा में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।

इस फैसले के बाद लाभार्थियों को—

  • बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा।
  • टूटे हुए दानों की संख्या काफी कम होगी।
  • राशन वितरण प्रणाली में गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा।
  • सभी राज्यों में समान गुणवत्ता का अनाज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

चावल की गुणवत्ता में क्या बदलाव किए गए?

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चावल की गुणवत्ता से जुड़े मानकों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

नए मानकों के अनुसार—

  • कच्चे (Raw Rice) चावल में टूटे हुए दानों की अधिकतम सीमा 25% से घटाकर 10% कर दी गई है।
  • आधे उबले (Parboiled Rice) चावल में टूटे हुए दानों की सीमा 16% से घटाकर केवल 5% कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि लगभग 30 वर्षों बाद राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता संबंधी मानकों में इतना बड़ा सुधार किया गया है।

राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल गुणवत्ता सुधार से जुड़ा है।

इसका मतलब है कि लाभार्थियों को मिलने वाले मुफ्त अनाज की मात्रा पहले की तरह ही जारी रहेगी।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार—

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के पात्र प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न मिलता रहेगा।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के पात्र परिवारों को पहले की तरह 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति माह मिलता रहेगा।

सरकार ने क्यों लिया यह निर्णय?

केंद्र सरकार का मानना है कि केवल राशन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होना जरूरी है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद—

  • लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा।
  • राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में कमी आने की संभावना है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाया जा सकेगा।

देशभर के करोड़ों परिवारों को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लाभार्थी हर महीने मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करते हैं।

नई गुणवत्ता व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख अपडेट (Highlights)

  • केंद्र सरकार ने राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता सुधारने का फैसला लिया।
  • कच्चे चावल में टूटे दानों की सीमा 25% से घटाकर 10% की गई।
  • आधे उबले चावल में टूटे दानों की सीमा 16% से घटाकर 5% कर दी गई।
  • राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं होगा।
  • NFSA और PMGKAY के लाभार्थियों को पहले की तरह मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।
  • करीब 80 करोड़ लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा।