यूपी में राशन कार्ड व्यवस्था हुई और डिजिटल, 93.5% लाभार्थियों की e-KYC पूरी; आधार सत्यापन भी लगभग पूरा

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यूपी में राशन कार्ड व्यवस्था हुई और डिजिटल, 93.5% लाभार्थियों की e-KYC पूरी; आधार सत्यापन भी लगभग पूरा Published on Aug 23, 2026

यूपी में राशन कार्ड व्यवस्था हुई और डिजिटल, 93.5% लाभार्थियों की e-KYC पूरी; आधार सत्यापन भी लगभग पूरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को तकनीक के जरिए अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। राशन कार्ड और लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल तरीके से अपडेट और सत्यापित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत प्रदेश में बड़ी संख्या में राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक 93.5 प्रतिशत राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। वहीं लाभार्थियों की आधार फीडिंग का काम करीब 99.9 प्रतिशत और आधार प्रमाणीकरण करीब 99.8 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है।

राशन कार्ड में दर्ज जानकारी का हो रहा डिजिटल सत्यापन

ई-केवाईसी की प्रक्रिया के जरिए राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों और लाभार्थियों की पहचान को अधिक विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी का सत्यापन करने में मदद मिलती है।

सरकार की डिजिटल व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य यह भी है कि राशन का लाभ वास्तविक और पात्र व्यक्ति तक पहुंचे तथा रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो।

आधार से जुड़ी जानकारी भी हो रही अपडेट

रिपोर्ट के अनुसार, यूपी में राशन कार्ड लाभार्थियों की 99.9 प्रतिशत आधार फीडिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 99.8 प्रतिशत लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है।

इससे राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों की पहचान को आधार आधारित सत्यापन से जोड़ने में मदद मिल रही है। इससे विभाग के पास लाभार्थियों का अधिक व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो रहा है।

फर्जी लाभार्थियों पर निगरानी मजबूत करने की कोशिश

पीडीएस में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का एक प्रमुख उद्देश्य फर्जी या गलत तरीके से दर्ज लाभार्थियों पर नजर रखना भी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड और पहचान सत्यापन के माध्यम से राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी की जांच पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकती है।

इससे पात्र परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

राशन के वितरण का रिकॉर्ड भी डिजिटल

अब केवल लाभार्थी की पहचान ही डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, लाभार्थी को मिलने वाले राशन की जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है। साथ ही उचित दर की दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक और राशन वितरण से संबंधित जानकारी को भी ऑनलाइन रिकॉर्ड किया जा रहा है।

इस तरह राशन कार्ड से लेकर खाद्यान्न वितरण तक पूरी प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

लाभार्थियों को क्या फायदा होगा?

डिजिटल पीडीएस व्यवस्था मजबूत होने से राशन कार्ड धारकों को कई स्तर पर फायदा मिल सकता है। लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण का रिकॉर्ड डिजिटल होने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ती है।

इसके अलावा विभाग के लिए यह पता लगाना आसान होता है कि किस लाभार्थी का रिकॉर्ड सत्यापित है और राशन वितरण से संबंधित जानकारी क्या है।

ई-केवाईसी कराने वालों के लिए जरूरी जानकारी

जिन राशन कार्ड धारकों या परिवार के सदस्यों की ई-केवाईसी अभी पूरी नहीं हुई है, उन्हें इसे लंबित नहीं रखना चाहिए। ई-केवाईसी और आधार से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की समस्या होने पर संबंधित राशन दुकान या खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानीय कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है।

आधार में नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण गलत होने की स्थिति में सत्यापन के दौरान परेशानी आ सकती है। इसलिए लाभार्थियों को अपने दस्तावेजों की जानकारी भी सही रखनी चाहिए।

यूपी की राशन व्यवस्था में बढ़ रहा डिजिटल इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। ई-केवाईसी, आधार सत्यापन, डिजिटल लाभार्थी रिकॉर्ड और ऑनलाइन स्टॉक एवं वितरण जानकारी इसी बदलाव का हिस्सा हैं।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब बाकी पात्र लाभार्थियों के रिकॉर्ड को भी अपडेट करने और ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।