Published on Jul 24, 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि अब लाभार्थियों को बेहतर सुविधा और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत राशन लेने आने वाले लोगों के लिए उचित दर की दुकानों (Fair Price Shops) पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही लाभार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा और प्रतीक्षा के दौरान गुड़ अथवा पेठा जैसी पारंपरिक मेहमाननवाजी भी की जाएगी।
प्रदेश के करोड़ों राशन कार्डधारक हर महीने सरकारी राशन लेने के लिए उचित दर की दुकानों पर पहुंचते हैं। कई स्थानों से यह शिकायत मिलती रही कि दुकानों पर न तो बैठने की उचित व्यवस्था होती है और न ही लंबे समय तक इंतजार करने वाले लोगों के लिए कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध रहती है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशन वितरण केंद्रों पर लाभार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें सम्मानजनक वातावरण में राशन मिल सके।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण के दिनों में उचित दर की दुकानों पर निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है—
सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं से लाभार्थियों को अधिक सहज और बेहतर अनुभव मिलेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का खर्च उचित दर दुकान संचालकों (कोटेदारों) से नहीं लिया जाएगा।
बैठने की व्यवस्था, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए राज्य सरकार अलग से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है, ताकि दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े और व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
सरकारी योजना के अनुसार इस नई सुविधा को लागू करने पर प्रतिवर्ष लगभग 60 करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है।
यह राशि राशन वितरण केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने और लाभार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने में उपयोग की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बड़ी संख्या में परिवार सरकारी राशन प्राप्त करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के करोड़ों पात्र लाभार्थियों को राशन लेने के दौरान पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक माहौल मिलने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य केवल खाद्यान्न उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि राशन वितरण प्रणाली को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाना भी है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो राशन लेने आने वाले लोगों को लंबी प्रतीक्षा के दौरान होने वाली असुविधा से काफी राहत मिल सकती है।
सरकार का मानना है कि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास और संतुष्टि भी बढ़ेगी।