Published on Jun 29, 2026
बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत ऐसे पात्र राशन कार्ड लाभार्थी, जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें राशन की दुकान तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अब उनका राशन सीधे उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
यह पहल विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए शुरू की गई है जिन्हें बढ़ती उम्र, बीमारी या शारीरिक कमजोरी के कारण हर महीने जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि Bihar Ration Card Home Delivery Scheme क्या है, किन लोगों को इसका लाभ मिलेगा, यह सुविधा कैसे काम करेगी तथा फिलहाल किन क्षेत्रों में इसकी शुरुआत की गई है।
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने वृद्ध राशन कार्ड धारकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राशन की होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पात्र लाभार्थियों के घर तक उचित मूल्य विक्रेता (राशन डीलर) स्वयं खाद्यान्न पहुंचाएंगे। राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया विभाग द्वारा तय किए गए मानक संचालन निर्देश (SOP) के अनुसार होगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को राहत देना है जो हर महीने राशन लेने के लिए दुकान तक नहीं पहुंच पाते।
फिलहाल यह सुविधा केवल उन राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए निर्धारित की गई है—
जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है।
जो बिहार के वैध राशन कार्ड धारक हैं।
जिनका नाम राशन कार्ड में सक्रिय रूप से दर्ज है।
जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत खाद्यान्न प्राप्त करने के पात्र हैं।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई है।
राशन डीलर संबंधित लाभार्थी के लिए निर्धारित मात्रा में गेहूं एवं चावल का पैकेट तैयार करेगा।
निर्धारित तिथि पर उचित मूल्य विक्रेता लाभार्थी के घर जाकर खाद्यान्न उपलब्ध कराएगा।
राशन वितरण के समय डीलर अपने साथ e-PoS मशीन लेकर पहुंचेगा। लाभार्थी का अंगूठा या अन्य बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद ही राशन वितरण की प्रक्रिया पूर्ण होगी।
होम डिलीवरी के दौरान डीलरों पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा उन्हें प्रोत्साहन राशि (Incentive) उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
अभी यह सुविधा पूरे बिहार में लागू नहीं की गई है।
राज्य सरकार ने पहले चरण में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है।
वर्तमान में इसकी शुरुआत निम्न क्षेत्रों से की गई है—
पटना जिला (मसौढ़ी अनुमंडल)
वैशाली जिला (हाजीपुर अनुमंडल)
यदि इन जिलों में यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे बिहार के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को कई सुविधाएं मिलेंगी—
राशन दुकान तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी समाप्त होगी।
बीमार एवं असहाय बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
समय पर राशन उपलब्ध हो सकेगा।
वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
बायोमेट्रिक सत्यापन घर पर ही पूरा किया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था से विशेष रूप से बुजुर्ग एवं असहाय राशन कार्ड धारकों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—
फिलहाल यह सुविधा पूरे बिहार में एक साथ लागू नहीं की गई है।
राज्य सरकार ने इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो स्थानों से की है—
इन क्षेत्रों में व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है। यदि परिणाम संतोषजनक रहते हैं, तो भविष्य में इसे बिहार के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
वर्तमान में यह सेवा केवल चयनित क्षेत्रों में परीक्षण के तौर पर शुरू की गई है।
राज्य सरकार की योजना है कि पायलट परियोजना की समीक्षा के बाद इसे अन्य जिलों तक भी विस्तार दिया जाए। इसलिए यदि आपके जिले में अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो विभाग द्वारा जारी आगामी निर्देशों का इंतजार करें।
यदि आपके परिवार में 80 वर्ष या उससे अधिक आयु का सदस्य है, तो निम्न बातों का ध्यान रखें—
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | बिहार राशन कार्ड Home Delivery |
| लाभार्थी | 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र राशन कार्ड धारक |
| सेवा | घर तक राशन वितरण |
| सत्यापन | घर पर Biometric Authentication |
| प्रारंभ | पायलट प्रोजेक्ट |
| शुरुआती जिले | वैशाली (हाजीपुर) एवं पटना (मसौढ़ी) |
यह बिहार सरकार की नई व्यवस्था है, जिसके तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पात्र राशन कार्ड लाभार्थियों तक राशन घर पहुंचाने की सुविधा शुरू की गई है।
फिलहाल यह सुविधा उन राशन कार्ड धारकों के लिए है जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है और जो चयनित पायलट क्षेत्रों में आते हैं।
नहीं। लाभार्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार द्वारा डीलरों के लिए अलग से प्रोत्साहन व्यवस्था की गई है।
हाँ। राशन वितरण के समय PoS मशीन के माध्यम से घर पर ही बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
नहीं। अभी यह केवल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ चयनित क्षेत्रों में शुरू की गई है। आगे सरकार के निर्णय के अनुसार अन्य जिलों में भी इसे लागू किया जा सकता है।
बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई राशन की Home Delivery व्यवस्था बुजुर्ग लाभार्थियों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे राशन वितरण प्रणाली अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। फिलहाल यह योजना सीमित क्षेत्रों में परीक्षण के तौर पर लागू है। यदि पायलट सफल रहता है, तो आने वाले समय में बिहार के अधिक जिलों के पात्र राशन कार्ड धारकों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकता है।